बाबा की पूजा में चूत की कुर्बानी-2

desi chudai ki kahani दोस्तों अंकल जोश में आकर आंटी के दोनों कूल्हों को पकड़कर तेज धक्के देने लगे, लेकिन वो दो मिनट में ही झड़ गए और ज्यादा देर रुकना अंकल के बस में नहीं था इसलिए अंकल के लंड से निकला वीर्य आंटी की गांड में ही निकल गया और वो झड़कर बिल्कुल शांत हो गये। अब आंटी उनको बेहिसाब गालियाँ देने लगी। दोस्तों प्रिया तुरंत ठीक तरह से समझ चुकी थी कि उसकी दीदी अब तक माँ क्यों नहीं बनी और यह सभी बातें मन ही मन सोचकर उसकी चुदाई का खेल देखकर प्रिया अब अपने कमरे में आकर सो गई और फिर आंटी ने अंकल के थककर सो जाने के बाद अपनी प्यास को मोमबत्ती अपनी चूत में डालकर उससे बुझाकर वो भी थक हारकर सो गई। फिर दूसरे दिन सुबह प्रिया फ्रेश होकर अपने सभी काम खत्म करके अपनी फ्रोक पहनकर बाबा के पास पूजा करने के लिए अपने घर से निकल गई वो बड़ी खुश थी और जैसे ही वो बाबा के पास पहुंची, तब बाबा ने उससे पूछा क्यों प्रिया तुम्हे अब कैसा लग रहा है? तो प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा कि बाबा आपकी इस पूजा ने तो मुझे धन्य ही कर दिया बाबा, लेकिन अब भी मुझे कुछ अधूरा अधूरा महसूस हो रहा है।

फिर बाबा ने कहा कि हाँ ठीक है में तुम्हारे कहने के मतलब ठीक तरह से समझ चुका हूँ। चलो आज में तुम्हे पूरा कर देता हूँ, यह लो अमृत रस पी लो बेटी और फिर प्रिया ने तुरंत ही वो पानी पी लिया। अब बाबा ने भी बिना देर किए अपनी धोती को उतार दिया और उसके बाद अपने लटके हुए लंड पर बाबा ने बहुत सारा शहद डाला और फिर कहा कि लो बेटी अब तुम सबसे पहले इसकी सेवा करो जिसके बाद यह खड़ा होकर तुम्हारे मन की हर एक इच्छा को पूरा करेगा, लेकिन तुम्हे यह काम पूरा मन लगाकर करना होगा, तब जाकर तुम्हे मन की शांति मिलेगी। अब प्रिया ने बिना देर किए तुरंत ही अपने मुहं में बाबा के लंड को ले लिया और वो बड़ी मेहनत से चूसने लगी। उसको कुछ देर में बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और उसकी मेहनत रंग लाई जिसकी वजह से बाबा का लंड अब तनकर खड़ा हो गया और प्रिया उसको बहुत प्यार से चूस रही थी और बाबा उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था।

फिर तभी बाबा ने उसका सर पकड़कर एक ज़ोर का झटका लगाकर अपने लंड को प्रिया के गले में नीचे तक उतार दिया, जिसकी वजह से प्रिया की आखें लाल और बड़ी बड़ी हो गई उनसे आंसू भी निकलने लगे थे और बाबा ने जैसे ही उसको छोड़ा उसके मुहं से बहुत सारा लंड का सफेद रंग का चिकना चिपचिपा वीर्य निकलने लगा जो बाहर निकलकर उसके गले तक पहुंच गया। तो प्रिया ने चिंतित होते हुए कहा कि बाबा आपका तो यह माल मेरे मुहं में ही निकल गया अब आप क्या और कैसे करोगे? अब वो हसंते हुए कहने लगा बेटी तुम इसकी बिल्कुल भी चिंता मत करो, बस तुम इसको पकड़कर इसकी ऐसे ही मन से सेवा करती रहो। फिर देखना अभी कुछ देर में यह पहले की तरह तैयार होकर खड़ा हो जाएगा।

अब प्रिया ने बाबा की यह बात सुनकर उसके लंड को अपने एक हाथ में लिया और वो उसको मसलने सहलाने लगी फिर उसी समय उसने बाबा से पूछा बाबा गांड मरवाने में कैसा लगता है? बाबा ने उससे पूछा कि तुम मुझसे आज ऐसा क्यों पूछ रही हो? तब प्रिया ने खुलकर बताया कि कल रात को मेरे घर पर मेरे जीजा उनकी पत्नी मतलब की मेरी दीदी की गांड मारने की बात कह रहे थे, लेकिन ठीक तरह से मारने से पहले ही उनका वीर्य निकल गया और अंकल शांत होकर सो गए आंटी भी उनको बुरा भला कहती रही और में वहां से उनके अधूरे मज़े देखकर अपने कमरे में आ गई, इसलिए मुझे भी आज एक बार अपनी गांड मरवानी है।

फिर बाबा ने कहा कि बेटी तुम्हे उसकी वजह से बहुत दर्द होगा, लेकिन उस काम में मज़ा भी बड़ा आता है। चलो ठीक है आज में तुम्हारी गांड मारूंगा और अब तक बाबा का लंड तनकर खड़ा हो गया था तुंरत ही बाबा ने प्रिया को अपनी गोद में बैठाकर वो उसके बूब्स को दबाने सहलाने लगा और उसको चूसने लगा, जिसकी वजह से प्रिया के मुहं से सिसकियाँ निकलने लगी थी वो कह रही थी आह्ह्ह्ह बाबा प्लीज अब आप मुझे चोद दो, बाबा मार लो मेरी गांड, क्यों आप मुझे इतना तरसा रहे हो? प्लीज अब ज्यादा देर ना करो मुझे मज़े दो मेरी गांड में अपना लंड डालकर, मार दो आज आप मेरी गांड। फिर बाबा ने तुरंत ही उसकी यह जोश भरी बातें सुनकर उसकी पेंटी को उतार दिया और अब वो नीचे झुककर उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा तब तक जोश में होने की वजह से प्रिया की चूत एकदम गीली हो चुकी थी और बाबा ज़ोर ज़ोर से अपनी जीभ को उसके अंदर बाहर करने लगा।

फिर प्रिया थोड़ी ही देर अपनी गांड को ऊपर नीचे करती हुई झड़ गई और उसकी चूत से बहुत सारा रस बहने लगा था, जिसको बाबा ने अपनी जीभ से चाटकर चूसकर एकदम साफ कर दिया और उसकी चूत को चमका दिया था और उसको कुछ देर होंठो से चूमने के बाद वो जाकर तेल का डब्बा उठा लाया और अब वो उसकी गांड पर तेल लगाने लगा और उसने अपने लंड पर भी बहुत सारा तेल लगा लिया। दोनों को तेल से बिल्कुल चिकना करने के बाद वो अब बोला कि बेटी तुम्हारे पास में जो रुमाल है उसको तुम अपने मुहं में डाल लो क्योंकि बेटी तुम्हे बहुत दर्द होगा जिसकी वजह से आवाज भी बड़ी तेज होगी। तो प्रिया ने कहा कि में वो सब झेल लूंगी। बाबा बस आप मेरी गांड मारो मेरे दर्द चिल्लाने की आप बिल्कुल भी चिंता मत करो। अब बाबा ने यह जवाब सुनकर अपने लंड को प्रिया की गांड पर रगड़ते हुए अचानक से एक ज़ोर का झटका मार दिया, जिसकी वजह से बाबा के लंड का टोपा गांड के अंदर चला गया और प्रिया दर्द की वजह से ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी। वो बिन पानी की मछली की तरह छटपटा रही थी आईईई ऊउईईइ अरे में मरी रे ऊउह्ह्ह्ह बाप रे बाप, मार दिया रे यह कैसा दर्द है ऊउफ़्फ़्फ़्फ़ में क्या करूं इतना दर्द होगा मुझे पहले पता नहीं था।
अब उसी समय बाबा ने उसकी गांड से लंड को बाहर निकाला और प्रिया के मुहं में एक कपड़े को जबरदस्ती ठूंस दिया और फिर वो प्रिया के दोनों बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने सहलाने लगा, जब कुछ देर बाद दर्द थोड़ा कम होने से प्रिया शांत हुई तो उसके दोनों हाथ पकड़कर बाबा ने अपने लंड को दोबारा गांड के छेद पर रखकर एक जोरदार झटका दे दिया, जिसकी वजह से तीन इंच लंड अंदर चला गया, लेकिन अब प्रिया किसी पर कटी चिड़िया की तरह फड़फड़ाने लगी थी और उसको वो दर्द सह पाना बड़ा मुश्किल होता जा रहा था। फिर उसी समय बाबा ने एक और जोरदार झटका दिया और वो बूब्स को भी दबाने लगा अब प्रिया की आखों से आसूं निकल रहे थे और वो दर्द की वजह से बहुत बेहाल थी, लेकिन फिर भी बाबा ने उसके ऊपर जरा सा भी रहम नहीं किया और अब उसने अपनी कमर को धीरे धीरे हिलाना शुरू किया तो थोड़ी देर के बाद प्रिया को भी अब मज़ा आने लगा था और वो भी अब बाबा के धक्को का साथ देने लगी थी। अब बाबा ने उसके मुहं से उस कपड़े को निकाल दिया और उसके बाद वो वैसे ही लगातार धक्के देकर प्रिया की गांड मारने के मज़े लेने लगा था।

अब प्रिया मज़े और जोश की वजह से ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी थी वो कह रही टी आह्ह्ह् ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ ऐसे ही तेज धक्के देकर मारो बाबा, आज आप फाड़ दो मेरी गांड को थोड़ा और ज़ोर लगाकर पूरा अंदर तक डालो ऊह्ह्ह वाह मज़ा आ गया। आपने आज मेरा दूसरा सपना भी पूरा कर दिया, में आपके इस लंड को लेकर बड़ी धन्य हुई, आप बड़े चमत्कारी हो और आपने आज मेरी सभी समस्या को हमेशा के लिए दूर कर दिया। मुझे बड़ा मज़ा आया आपके साथ यह सब करके। अब बाबा उसकी यह जोश भरी बातें सुनकर ज्यादा ज़ोर ज़ोर के झटके मारने लगा और धीरे धीरे उसका पूरा लंड ही प्रिया की गांड के अंदर चला गया, जिसकी वजह से प्रिया को अब पहले से भी ज्यादा मज़ा आने लगा था और वो भी हर एक धक्के के साथ अपनी गांड को उछाल उछालकर अपनी गांड को बाबा के लंड से मरवाने लगी, वो थोड़ी सी दर्द से करहा रही थी, लेकिन उसको मज़ा भी कम नहीं आ रहा था और तभी बाबा ने उसकी गांड में लंड डाले हुए उसको अपने ऊपर कर लिया और वो उसको किस करते हुए ही ज़ोर ज़ोर से बूब्स को दबाता रहा।
उनकी यह चुदाई करीब तीस मिनट तक चलती रही, लेकिन अब बाबा झड़ने वाला था और वो उसकी गांड में ही झड़ गया और जैसे ही बाबा ने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसकी गांड से खून और वीर्य दोनों ही बाहर निकलकर बहने लगा और बाबा का लंड खून से एकदम लाल हो चुका था। फिर प्रिया ने उसका लंड चाट चाटकर साफ कर दिया। फिर बाबा ने भी प्रिया की गांड को अपनी जीभ से चाटकर साफ कर दिया। दोस्तों यह थी बाबा की पूजा और प्रिया की चुदाई की सच्ची घटना ।।
धन्यवाद