दीदी की पड़ोस की शादीशुदा महिला को चोदा

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मेरा नाम गौतम है और मैं बनारस का रहने वाला हूं,  मेरी उम्र 22 वर्ष है मैं कॉलेज में पढ़ाई कर रहा हूं। हम लोगों की स्थिति कुछ ठीक नहीं है क्योंकि मेरे पापा का देहांत काफी समय पहले हो चुका है और मेरी मम्मी ही हमारे घर का खर्चा चलाती है और छोटे-मोटे काम कर के घर का खर्चा चलाती है जिस वजह से हमारा गुजारा चल सकता है। मुझे अपने घर की स्थिति के बारे में अच्छे से मालूम था इसलिए मैं हमेशा ही अपने हिसाब से कार्य किया करता था और मैं भी कोशिश करता था कि मैं किसी न किसी प्रकार से कुछ पैसे कमा लूं लेकिन उसके बावजूद भी मैं उतने पैसे नहीं कमा पाता था और अपने कॉलेज की पढ़ाई में ही लगा रहता था। मैं कभी पार्ट टाइम भी कर के अपना खर्चा चलाता था।

मेरी बहन शीतल के लिए एक बहुत ही अच्छे घर से रिश्ता आया तो मेरी मां उसे मना नहीं कर पाई और उस रिश्ते के लिए उन्होंने हामी भर दी लेकिन मेरी मां ने साफ-साफ कह दिया था कि हमारे पास बिल्कुल भी पैसे नहीं है यदि तुम्हें शादी करनी है तो तुम लोग ही शादी का सारा खर्चा उठाओगे। वह लोग इस बात को मान गये और उसके बाद शीतल की भी शादी हो गई। जब शीतल की शादी हो गई तो कुछ दिन बाद वह हमारे घर आई और जब मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे ससुराल वाले कैसे हैं, तो वह कहने लगी कि वो लोग बहुत ही अच्छे हैं और मेरा बहुत ज्यादा ध्यान रखते हैं। मैंने उसे कहा चलो यह तो बहुत अच्छी बात है यदि वह तुम्हारा ध्यान रखते हैं। वो कहने लगी कि मेरे पति भी मेरा बहुत ध्यान रखते हैं और हम लोग कुछ दिनों बाद घूमने जाने वाले हैं। मैंने उसे कहा यह तो काफी अच्छी बात है और कुछ दिनों तक शीतल हमारे घर पर ही थी। अब कुछ दिन बाद शीतल अपने ससुराल चली गई और उसका घर पर आना जाना लगा रहता था। मुझे भी बहुत अच्छा लगता था जब वह हमारे घर आती थी और वह हमेशा ही मेरे लिए कुछ सामान लेकर आती थी। एक बार मैंने भी सोचा कि मैं शीतल के घर चलता हूं।

जब मैं शीतल के यहां पर गया तो मेरे जीजा मुझसे पूछने लगे कि तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है, मैंने उन्हें कहा कि मेरी पढ़ाई तो बहुत ही अच्छी चल रही है। मैंने उनसे पूछा कि आप का काम कैसे चल रहा है, वह कहने लगे कि मेरा काम भी बहुत अच्छा चल रहा है। मेरे जीजा मेरे साथ बहुत ही ज्यादा मजाक किया करते थे। मुझे बहुत अच्छा लगता था जब वह मुझे चिढ़ाते रहते थे। मैं उनसे ज्यादा कुछ नहीं बोल पाता था। मेरी बहन मुझसे पूछने लगी कि मां की तबीयत कैसी है मैंने उसे बताया कि वह तो ठीक है, तुम उसकी चिंता मत करो। मैंने उसे पूछा तुम यहां पर खुश तो हो, तो वह कहने लगी कि हां मुझे यहां पर किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है मैं बहुत ही खुश हूं। अब मैं अपने घर वापस आ गया और मेरी मां मुझसे पूछने लगी कि सीतल कैसी है, मैंने उन्हें बताया कि वह बहुत ही अच्छी है और बहुत ही खुश है। मेरा अक्सर शीतल के घर पर आना जाना लगा रहता था क्योंकि वह लोग हमारे घर से कुछ दूरी पर ही रहते हैं इसलिए मैं उसके घर चला जाया करता था। मैं एक बार शीतल के घर गया तो वहां पर एक लड़की बैठी हुई थी। उसकी नई नई शादी हुई थी लेकिन उसे देखकर मुझे कुछ अलग ही तरीके की फीलिंग आने लगी और मैं बहुत ही खुश हो रहा था जब मैं उसे देख रहा था।

शीतल ने उससे मेरा इंट्रोडक्शन करवाया और कहने लगी कि यह सीमा है और हमारे पड़ोस में ही रहती हैं। मैंने उससे पूछा कि लगता है आप की शादी अभी कुछ महिने पहले ही हुई है। वो कहने लगी कि हां मेरी शादी अभी दो महीने पहले ही हुई है। मैंने उसे उसकी शादी की बधाइयां दी और कहा की यह तो बहुत ही अच्छी बात है। मुझे सीमा से बात करते हुए बहुत अच्छा लग रहा था और ना जाने क्यों उसे भी मुझसे बात करना बहुत ही अच्छा लग रहा था इसलिए उसने मुझे अपना नंबर दे दिया और अब मैं उसके नंबर पर फोन कर लिया करता था। मैं जब भी उसे फोन करता था तो वह मुझसे पूछती कि तुम कैसे हो, मैं भी उसे पूछ लिया करता कि तुम्हारे घर पर सब लोग कैसे हैं, वह कहती कि मेरे घर पर सब लोग अच्छे है। कहीं ना कहीं सीमा के दिल में भी मेरे लिए कुछ चल रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वह अपनी शादी से बिल्कुल भी खुश नहीं है और उसकी शादी जबर्दस्ती हुई है। मैं जब शीतल के घर पर गया हुआ था तो सीमा ने एक दिन मुझे अपने पति की फोटो दिखाई तो मैंने उसे कहा कि इनकी उम्र तो बहुत ज्यादा है। वह कहने लगी कि यह मेरे जीजाजी हैं, मेरी बहन का देहांत हो गया है इसीलिए मैंने इनसे शादी कर ली क्योंकि मेरे घर वाले बहुत ज्यादा जिद कर रहे थे। वह कह रहे थे कि यदि तुम उससे शादी नहीं करोगी तो तुम्हारी बहन के बच्चों का क्या होगा, इसी वजह से मुझे उनसे शादी करनी पड़ी। मैं यह बात सुनकर बहुत ही हैरान रह गया और मैंने उसे कहा कि तुमने यह फैसला कैसे ले लिया। वो कहने लगी कि फैसला तो मुझे लेना ही था। मेरे घर वालों के पास कोई भी रास्ता नहीं था इसीलिए मैंने शादी कर ली। मैंने उसे पूछा क्या तुम इस शादी से खुश हो। वह कहने लगी की अब तो मैं सिर्फ अपनी जिंदगी काट रही हूं। मेरी सीमा से अक्सर फोन पर बातें हो जाती थी। उसका नेचर बहुत ही अच्छा था।

अब मै सीमा से अश्लील बातें करने लगा था और एक दिन मैंने उसे फोन में बहुत ही अश्लील मैसेजेस भेज दिए उसने भी मुझे जब अपनी नंगी फोटो भेजनी शुरू कर दी। जब मैने उसके स्तन को देखा तो मुझे बहुत अच्छा लगा। अगले दिन जब सीमा मेरी दीदी के घर पर आई तो उस दिन मेरी दीदी कहीं गई हुई थी और मै घर पर ही था। मैने उसे कहा कल तो तुम मुझे बड़ी ही सेक्सी फोटो भेज रहे थे। मैंने उसे कहा कि मैंने कल तुम्हारा नंगा बदन देखा तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। लेकिन मैं तुम्हें अब अपने सामने नंगा देखना चाहता हूं। उसने जैसे ही अपने सारे कपड़े उतारे तो मेरे होश उड़ गए जब मैंने उसकी चूतडो पर हाथ लगाया तो वह बहुत ही मुलायम थी। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसके चूतड़ों को दबा रहा था। वह भी बहुत खुश हो रही थी और मुझे कह रही थी जब तुम मेरी चूतडो पर हाथ लगा रहे हो तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

मैंने अपने लंड को उसके मुंह में डाल दिया और वह मेरे लंड को बहुत अच्छे से चूसने लगी। वह मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से अपने मुंह में ले रही थी मुझे बहुत खुशी हो रही थी कि वह मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही है। मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया हो मैंने जैसे ही उसकी चूत को देखा तो उसकी चूत मे हलके हलके बाल थे। मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया मैंने जब उसकी योनि में अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी। लेकिन मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और मैं उसकी टाइट चूत मे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था। मैंने उसे इतनी तेज झटके मारे मुझे बहुत मजा आने लगा और वह भी पूरे मूड में आ चुकी थी। वह मेरा पूरा साथ दे रही थी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लिए जा रही थी वह बहुत ही ज्यादा खुश हो रही थी। मैं उसे इतनी तेजी से धक्के मारता उसका शरीर पूरा गर्म होने लगा। मैंने उसे घोड़ी बना दिया मैने अपना लंड जैसे ही उसकी चूत में डाला तो मुझे बहुत ही मजा आने लगा क्योंकि उसकी योनि बहुत ज्यादा टाइट थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैं इस प्रकार से उसे धक्के मार रहा था। उसे भी बहुत मजा आने लगा और वह भी अपने चूतड़ों को मुझसे मिलाने लगी। वह इतनी तेज तेज अपने चूतड़ों को मुझसे मिला रही थी कि मुझसे भी बिल्कुल नहीं रहा जा रहा था। मुझे बहुत मजा आने लगा मैंने भी उसे बड़ी तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए। मैंने उसे इतनी तेजी से धक्के मार रहा था कि मुझसे बिल्कुल नहीं रहा जा रहा था। उसकी योनि से कुछ ज्यादा ही गर्मी बाहर निकलने लगी जैसे ही मेरा माल गिरा तो हम दोनो आराम से बैठ गए।