हे किस्मत चूत दिखा दे

antarvasna, desi kahani

यह कहानी मेरी और सीमा की है। हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। और हम दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन कोई भी हमारा साथ नहीं दे रहा था। इसलिए हमें यह कदम उठाना पड़ा। एक बार की बात है जब सीमा और उसके परिवार वाले जयपुर रहने के लिए आए थे। पहले वह लखनऊ में रहते थे। सीमा के पिताजी की जयपुर में अच्छी जॉब लग गई थी। इसलिए वह लखनऊ को छोड़कर जयपुर आ गए थे। जहां पर सीमा लोग रहते थे उन्हीं के घर के पीछे हमारा घर था। और उनके घर के सामने मेरी चाची की लड़की प्रिया और उसके पति रहते थे। सीमा और उसके परिवार वाले  जब जयपुर आए तो वह अधिकतर मेरी चाची की लड़की प्रिया के साथ उसके घर पर आया जाया करती थी। सीमा अभी बारहवीं में पढ़ रही थी। और हम दोनों सबसे पहले मेरी चाची की लड़की के घर पर ही मिले थे। वह दोनों मिलकर खाना बना रहे थे। तब तक अचानक मैं भी वहां पहुंच गया। और फिर प्रिया ने मुझे सीमा से मिलाया। और फिर कुछ दिनों तक हम दोनों उन्हीं के घर पर ऐसे ही मिलते थे। मिलते मिलते हमें एक दूसरे से प्यार हो गया। और जब वह स्कूल से घर आती तो मुझे भी मिलने आया करती थी। कभी-कभी मैं भी उससे मिलने उसके स्कूल के बाहर चले जाता था।

मैंने सीमा को एक दिन अपने घर पर बुला लिया। उस दिन मेरे घर पर कोई भी नहीं था और मैंने उससे कहा कि तुम चुपके से मेरे घर पर आ जाना। आज मेरे घर पर कोई नहीं रहेगा। वह मेरे घर पर आ गई। उसके बाद मैंने उससे नंगा कर दिया और जैसे ही मैंने उसके नंगे बदन को देखा। तो मेरा जी मचल ने लगा। मैंने उसे चाटना शुरू कर दिया। मैंने पूरे बदन को उसके चाटना शुरू किया। बहुत देर तक मैंने उसके स्तनों को भी अपने मुंह में लिया और बहुत अच्छे से चूसा। मैंने उसकी नरम और छोटी सी योनि को अपने मुंह में लेकर बहुत देर तक चाटता रहा। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। जब मैं ऐसा कर रहा था। उसकी योनि बहुत ही टाइट थी। क्योंकि वह एकदम नई चूत थी।

उसे किसी ने भी आज तक चोदा नहीं था। वह बहुत ही ज्यादा मचल रही थी जब मैं उसकी योनि को चाट रहा था और उसका पानी बहुत तेजी से निकल रहा था। मैंने फैसला किया कि मैं अपना लंड डाल देता हूं। मैं अपने लंड को अंदर तक उसकी चूत मे डाल दिया। जैसे ही मैंने अंदर डाला तो उसके खून की पिचकारी बाहर की तरफ आ गई। उसे बहुत ही ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी। मैं ऐसे ही उसे धक्का मार रहा था। सीमा की चूत बहुत ही ज्यादा टाइट थी। मेरा वीर्य निकलने वाला था। तो मैंने उसकी योनि के अंदर डाल दिया और उसके तुरंत बाद मैंने जैसे ही लंड बाहर निकाला तो उसकी योनि से मेरा वीर्य और उसका खून निकल रहा था। अब वह रोने लगी और मुझे कहने लगी कि मेरा क्या होगा तो मैंने उसे कहा कि मुझे तुमसे शादी करनी है। तुम चिंता मत करो मैंने ऐसे ही उसे कहा और वह चुप हो गई। अब हम दोनों ने भी पूरा फैसला कर ही लिया था कि हमें शादी करनी है। इस वजह से मैंने उसे चुप करा दिया और वह अपने घर चली गई।

हम दोनों ने शादी का फैसला कर लिया था। पर हमारी मिलने की खबर सब  लोगो को पता लग गई थी। और वह हमारे बारे में बातें बनाने लगे थे। फिर एक दिन यह बात सीमा के घर वालों को पता लगी कि हम दोनों एक दूसरे से मिलते हैं। और फिर उन्होंने सबसे पहले मेरे घर जाकर मेरी मां से बात की। और कहा कि, अपने बेटे रोहन को समझाए। वह हमारी बेटी से दूर रहे। और फिर उसके बाद सीमा के स्कूल से घर आने के बाद उन्होंने सीमा को भी समझाया। उसके पापा ने उसे मुझसे दूर रहने को कहा और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा। उसके बाद सीमा की मां ने भी उसे बहुत समझाया। उसके पापा ने कहा था कि तुम रोहन से बात नहीं करोगी और उसे मिलने भी नहीं जाया करोगी। वह अपने  मां पापा की इस बात को समझ गई थी।

दूसरे दिन वह मुझे मिलने भी नहीं आई। और जब मैं उससे मिलने गया तो उसने मुझसे बात ही नहीं की। मैंने उससे पूछा तो उसने जवाब दिया कि मेरे पिताजी ने तुमसे बात करने के लिए मना किया है। और तुम मुझसे दूर ही रहो। यह बात सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा। मैं तो उसे बहुत प्यार करता था। मैंने भी उसे बहुत समझाने की कोशिश की। लेकिन वह अपने मां-बाप की बातों का अपमान नहीं करना चाहती थी। फिर मैंने उसे बहुत समझाया और उसे बड़ी मुश्किल से बात करने के लिए मनाया।

दूसरे दिन वह मुझसे बात करने लगी। लेकिन यह बात ना उसके घर वालों को पता थी और ना ही मेरे घर वालों को। हमें डर था कि कहीं यह बात फिर से हमारे घर वालों तक ना पहुंच जाए। फिर हम दोनों ने एक फैसला लिया। हमने फैसला किया कि हम दोनों यहां से कहीं दूर चले जाएंगे।  दोनों वहीं जा कर शादी कर लेंगे। लेकिन सीमा को यह थोड़ा अजीब लगा। क्योंकि उसके मां-बाप को उस पर बहुत भरोसा था। लेकिन मेरे कहने पर ही उसने यह फैसला लिया।

एक दिन जब सीमा के घर पर कोई नहीं था। तो मौका देखते ही हम दोनों घर छोड़कर भाग गए थे। यह बात मैंने अपनी चाची की लड़की प्रिया से कही थी। और उसे कहा था कि वह यह बात किसी को ना बताएं। लेकिन उस दिन हमारी बातें मेरी चाची ने सुन ली थी। और हमारे भागने के बाद कई दिनों तक हमारे घर वाले हमें ढूंढ रहे थे। और फिर कुछ दिनों बाद मेरी चाची ने उन्हें बताया कि हम दोनों घर छोड़कर भाग गए हैं। और फिर वह लोग हमें ढूंढते-ढूंढते यहां तक पहुंचे। हम ज्यादा दिन उनकी नजरो से बच नही पाए। हम दोनों भाग कर कहां गए थे। यह बात मेरी चाची की वजह से हमारे घर वालो को पता चली।

उसके बाद हम दोनों पकड़े गए और हमें अलग अलग कर दिया गया। सीमा अपने घर चली गई और मैं अपने घर चला गया। उसके पिताजी ने हमें धमकी दी थी। पुलिस में कंप्लेंट करवा देंगे। लेकिन मेरे घर वालों ने उनके आगे हाथ पैर जोडे और वह मान गए। कुछ दिनों तक तो मामला बहुत गर्म था। तो मैं चुपचाप अपने घर में ही बैठा रहा।

फिर एक दिन मैं अपनी चाची के घर चला गया। मैंने अपनी चाची से कहा कि आपको क्या दुश्मनी थी मेरे से जो आपको उन लोगों को बताने की आवश्यकता थी। मैं अच्छे से अपने जीवन को जीना चाहता था। सीमा मेरे साथ थी। वह मुझे कहने लगी कि मुझे तुमसे प्यार है। जैसे ही उन्होंने यह बात कही यह बात सुनकर मेरा सर चक्करा गया। उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहती कि तुम किसी और के साथ रहो मेरे अंदर गुस्सा कूट कूट कर भरा हुआ था। तो मैंने उन्हें बिस्तर पर लेटा दिया। उनकी साड़ी को ऊपर करते हुए अपने लंड पर थूक लगाया। उनकी गांड को अच्छे से चाटा जैसे ही मै उनकी बड़ी बड़ी गांड को चाट रहा था। तो उनकी योनि से पानी निकल रहा था। मैंने उनकी योनि को चाटना शुरु किया और उसके तुरंत बाद मैंने उनकी गांड में अपना लंड डाल दिया। और जैसे ही मैंने लंड डाला तो वह चिल्ला उठी।  वह मुझे कहने लगी तुम इतने गंदे तरीके से क्यों मेरी गांड़ मार रहे हो। मैंने कहा मैं तुम्हें छोड़ने वाला नहीं हूं। ऐसे ही मैं उन्हें बहुत देर तक करता रहा। जब तक मेरा गुस्सा शांत नहीं हुआ। मैंने ऐसे ही उनकी गांड़ मारे जा रहा था और उन्हें भी मजा आ रहा था। कुछ देर में मेरा माल गिरने ही वाला था। तो मैंने उनकी गांड में गिरा दिया। लेकिन मैं अब भी शांत नहीं हुआ था और उनकी गांड से मेरा माल टपक रहा था और मैंने दोबारा से उनकी गांड में लंड डाल दिया और जैसे ही मैंने अपना लंड डाला तो वह मुझे कहने लगी अब क्या हो गया। मैने दोबारा से धक्का मारना शुरू कर दिया। और जैसे ही मैं झटके मार रहा था तो कुछ समय बाद फिर मेरा अचानक से गिर गया और मैंने दोबारा ही अंदर अपने माल को गिरा दिया।

मैंने उनसे शांत होकर पूछा कि आपने मेरे साथ बहुत गलत किया। इस तरह से आपको नहीं करना चाहिए। तो उन्होंने कहा ठीक है। अब जो हो गया तो हो गया। तुम्हें जब भी अपनी भड़ास निकालनी हो तो तुम मेरी गांड मार लेना। लेकिन मैं अब भी खुश नहीं था और मैं कहीं ना कहीं सीमा के गम में बेचैन भी हो रहा था।