मेरी जान ने मेरे लंड की प्यास को अपनी गीली चूत से बुझाया

Meri jaan ne mere land ki pyas ko apni gili chut se bujhaya:

हेल्लो दोस्तों | आप सभी मै आपके सामने एक नयी कहानी ले के प्रस्तुत हुआ हु | उम्मीद करता हूँ आप सभी को पसंद आयगी और आशा करता हूँ आप सभी मजे ले कर इसे पढेंगे | मेरा नाम सुजीत लाकरा और मुझे सेक्स स्टोरी पढना बहुत अच्छा लगता है तो मेने सोचा क्यों न की मैं भी अपनी एक सेक्स स्टोरी लिखू | मैं बनारस का रहने वाला हूँ और मैं आईटी कंपनी में जॉब करता हूँ मेरी हाइट ६ फीट है और मैं जिम भी जाता हूँ तो मेरी बॉडी फिट है मेरा लंड का साइज़ 10 इंच है और मोटाई 4 इंच | अब मैं आप लोगो को ज्यादा बोर नहीं करूँगा अब सीधा स्टोरी में आता हूँ |

ये बात उन दिनों की है जब मैं दिल्ली आया था जॉब के लिए और कई जगह इंटरव्यू देने गया पर कहीं कुछ हो नही हो पा रहा था | ऐसे ही कई दिन बीत रहे थे | एक दिन मैं कंपनी में इंटरव्यू देने गया था वहा भी कई सरे लोग इंटरव्यू आये थे | कई घंटे गुजरने के बाद जब मेरा नंबर आया तब तक सीट फुल हो चुकी थी मैं और एक बंदी और थी | उसका नाम तन्वी पाण्डेय था | एक दम सुन्दर स्लिम बॉडी दूध ज्यादा बड़े नहीं थे पर उसकी गांड बहुत बड़ी थी | मस्त थी दूध जेसा गोरा बदन आँखे नशीली वो भी शायद जॉब के लिए भटक रही थी | फिर हमारी बात हुई थोड़ी बहुत उसके बाद हम अलग हो गए फिर उसके बाद अचानक आईटी कंपनी में मुलाक़ात हुई जहा मुझे जॉब ऑफर हुई और वो वहा पहले ही सेलेक्ट हॉ चुकी थी | फिर सब कुछ अच्छा चल रहा था फिर हम मिलने लगे और नंबर बदले उसके बाद हम प्यार में पड़ गए | एक दिन उसकी तबियत ख़राब हो गयी थी | वो एक छोटे से गाँव की रहने वाली लड़की थी जो की दिल्ली से बहूत दूर था | मैं उसे मिलने गया घर तब वह से हॉस्पिटल गए और दवा ले के आये | उसके बाद मै ही उसकी केयर करने लगा था | हम दोनों ही अकेले थे इस शहर में और अकेले थे तो मेने अपना रूम छोड़ दिया और उसके ही साथ रहने लगा | सन्डे का वक़्त था वो नहाने गयी और मैं टीवी देख रहा था वो नहा के कब आ के मेरे पीछे खड़ी हो गयी मुझे पता ही न ही चला और मैं शुरू से ही हॉलीवुड मूवी का शौक़ीन रहा हूँ तो वही देख रहा था | आप लोगो को तो पता ही है की उसमे सेक्स सेक्स सीन आ जाते हैं तो वो देख रहा था और मेरा लंड खड़ा हो गया था तो मैं उसको सहला रहा था | उसने देख लिया ये सब करते हुए शायद उसे ये सब देखना अच्छा लग रहा था तो वो मेरे सामने आ गयी टॉवल लपेटे हुए | मेने झट से चैनल चेंज किया और अनजान बनने की कोशिश करने लगा जेसे मुझे कुछ पता ही नहीं | फिर उसने कहा की क्या देख रहे थे तो मेने उसे कहा की कुछ नहीं वो अचानक से वो सीन आ गया उसने बोला की ज्यादा बनने की कोशिश मत करो मेने सब देख लिया | फिर मैं उससे सॉरी बोलने लगा और माफ़ी मांगने लगा उसने कहा की जब मैं हूँ तो तुम्हे ये सब देखने की क्या जरुरत है | मेरी आँखे चमक गयी और मैं झट से उठा उसे बाहों में भर के किस करने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी मेने उसकी तोवेल खीचा और बेड पर लीटा  दिया और चुम्मा चाटी करने लगे | गरम गरम साँसों का समां बन गया था | फिर मैं उसके दूध दबाने लगा वो सिस्कारिया भरने लगी ऊउन्न अहह.. ऊउंह.. आहा आआह्ह्ह्ह… | मैं रुका नहीं और उसके गले को चाटने लगा | जीभ से उसके चिकने बदन में | मेरी जीभ के स्पर्श से वो और गरम होने लगी | मैं उसके दोनों हाथो को बारी से चाटने लगा उंगलिया चूसने लगा | उसे बहुत अच्छा लग रहा था ओ.. आआअह्ह्ह … उन्न्न्हह्ह.. कर रही थी | मैं उसके एक दूध को अपने हाथ से दबा रहा था और ऊँगली से उसके निप्पल को ऊँगली से गोल गोल घुमा रहा थूक लगा के और दुसरे दूध को मुह में भर चूस रहा था | निप्पल को जीभ से गोल गोल घुमा रहा था | जेसे ही मेने उसके निप्पल को दांतों से कटा उसके मुह से चीच्ख निकल गयी और बोलने लगी जान आराम से करो न सब तुम्हारा ही तो है | मैं आराम से चूसने लगा | एक दूध मेने एक घंटे तक चूसा फिर दुसरे दूध को मुह में भर उसको भी एक घंटे तक चूसा | अब मैं उसके पेट को चाट रहा था और नाभि को चाट रहा था उसपे जीभ फिर रहा था | फिर मैं उसकी दोनों टाँगे ऊपर से नीचे तक चाटा | अब बारी आई उसकी चूत की | मैं उसकी चूत को पहले अछे से सहलाया | उसकी आहें निकल रही थीं अआः… आहाहा.. आहा.. आहाहहः.. जान बस करो चोदो न मुझे.. अब मुझसे और इंतजार नहीं हो रहा है.. जल्दी से चोदो.. तुम्हारे लंड का इंतजार कर रही मेरी चूत… | उसके बाद मेने उसकी चूत अच्छे से चाटा अन्दर तक जीभ घुमा घुमा कर | वो आहा.. आहा.. आहाह्ह्हा.. आहाह्हा.. उऊंन्ह्ह.. कर रही थी | मैं उसकी चूत की सेवा करने में लगा था | चूत चाटने के बाद उसने बोली चोदो तो मैंने कहा रुको जान अभी तुमने तो मेरा लंड देखा ही नहीं है | उसने ज़रा भी देर नहीं की | मेरा विशाल लंड देख के उसकी गांड फट गयी और वो बोलने लगी मेने आज तक इतना बड़ा लंड नहीं देखा | फिर वो मेरे लंड को अच्छे से हर तरफ से चाटने लगीं | उसके बाद मेरे दोनों बॉल्स को चाटने लगी और मजे लेने लगी | उसके मुह में मेरा लंड पूरा नहीं घुस रहा था फिर भी बहुत अच्छे से मेरा लंड चूस रही थी | उसने करीब मेरा लंड एक डेढ़ घंटे तक चूसा | उसके बाद मेने उसको बेड पे लेटाया और अपना लंड रगड़ रहा था |  वो बोली की जान अब देर मत करो, प्लीज जान जल्दी से चोद दो मुझे अब सहन नही कर पा रही हूँ | उसकी चूत गीली थी तो मेरा लंड जैसे अन्दर फिसला | उसकी चीख निकल गयी | उसकी आँख से आंसू आने लगे और वो बोलने लगी जान इसको निकालो मैं इतना बड़ा लंड अपनी चूत में नहीं डाल पाऊँगी | अब मैं कहा रुकने वाला था  | मैं उसका कन्धा पकड़ के जोर जोर से शॉट मार रहा था और वो अआहा… हाहा.. उऊंन्ह्ह.. हहहहा.. आआह्ह्हा.. आह्ह.. अहः.. अहहहः.. आ.. कर रही थी | वो कह कर रही थी जान आराम से चोदो.. जान.. आः.. आहा.. आह्ह्ह.. अहः.. अहहः.. अहहहः.. मैं मर जाउंगी.. आहा.. अहउन्न.. जान बस करो.. | मैं चोदे जा रहा था जोर जोर से | मैं उसकी चूत का भोसड़ा बनाने जा रहा था | मैं उसको हर एंगल से चोद रहा था और अब उसे भी मजा आया रहा था | वो बोलने लगी आः.. आअहहह.. अहहः.. अहहः.. अहहः.. ओर चोद जान.. जितना जोर से से चोद सकते हो चोदो जान.. अहा अहहः अहहहः अह्ह्ह्हुआ.. | मैं समझ गया था की वो दो बार झड चुकी है | पुरे कमरे में फच फच की आवाज़े गूँज रही | मैं रुकने का नाम नहीं ले रहा था मैं उसको चोदे जा रहा था और वो चुदे जा रही थी | उसके बाद मैं भी उसके ऊपर ही झड गया | फिर हम बाजु में लेटे रहे और चुम्मा चाटी कर रहे थे | उसके बाद हमने एक बार और चुदाई की|  मैं उससे बहुत प्यार करता था और वो भी मुझसे प्यार करती थी | अब हम डेली चुदाई करते थे | जब भी मौका मिलता जहा भी मौका मिलता हम शुरू हो जाते | कई बार तो थिएटर में चुदाई की है हमने | कुछ समय बाद उसके घर से कॉल आया की मुसके पापा की तबियत ख़राब है | वो एक हफ्ते बाद चली गयी | मुझे उसके बिना सूना सूना लग रहा था | जब वो वह गयी उसका सिम बंद आ रहा था | न ही उससे दोबारा बात हो पाई न ही उसने मुझे कॉल करने की कोशिश की मेने उसे बहुत ढूंढा | वो नहीं मिली फिर धीरे धीरे मेने भी उसके बगैर जीने की आदत डाल ली और अपने काम व्यस्त हो गया |
दोस्तों ये रही मेरी एक दम सच्ची घटना आप सभी पढ़ के बताइयेगा कि केसी लगी आपको मेरी स्टोरी | उम्मीद करता हूँ आपको मजा आया होगा पढ़े के | धन्यवाद मेरी स्टोरी पढने के लिए |