पत्नी की दोस्त ने मेरी इच्छाओं को पूरा किया

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मेरा नाम राजेंद्र है और मेरी उम्र 45 वर्ष की है। मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं और मेरी पोस्टिंग इस समय बरेली में है। मेरे साथ मेरे माता-पिता और मेरी पत्नी रहती हैं। मेरी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और वह भी बरेली में ही रहती है। उसके पति विदेश में नौकरी करते हैं और वह कभी कबार हमारे घर पर आ जाती हैं। जब भी हमारे घर पर कोई कार्यक्रम होता है तो वह हमारे घर पर अक्सर आ जाया करती है। उससे मेरी बात फोन पर होती रहती है। मेरी पत्नी का नाम लता है और हमारी दो लड़कियां हैं। मेरी पत्नी भी हॉस्पिटल में नर्स है। इस वजह से हम दोनों की मुलाकात बहुत ही कम हो पाती है। क्योंकि वह भी अपने काम में बिजी रहती है और मैं भी अपने स्कूल में ही रहता हूं। इससे पहले मैं आगरा में था और वहां से इसी वर्ष मेरी पोस्टिंग बरेली में हो गई है। क्योंकि बरेली में ही हमारा घर है इसलिए मुझे बहुत ही सुविधा होती है। हमारे घर से कुछ ही दूरी पर मेरा स्कूल भी है। इस वजह से मैं घर से पैदल ही अपने स्कूल जाता हूं और सारे बच्चे मुझसे पहले से ही परिचित हैं। इस वजह से वह सब मुझसे बहुत ही अच्छे से व्यवहार करते हैं और हमारे स्कूल में जितने भी टीचर है वह सब बहुत ही अच्छे हैं। मुझे काफी समय हो चुका है जब मैं अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कहीं बाहर गया था लेकिन अब हमारा कहीं भी बाहर जाना नहीं हो पाता क्योंकि मेरी पत्नी भी बहुत व्यस्त रहने लगी है और मेरे पास भी समय नहीं होता। जब मेरी छुट्टी होती है तो उसके पास बिल्कुल भी समय नहीं हो पाता। अब मुझे ऐसा लगने लगा है कि हम दोनों के बीच में अब पहले वाला प्यार नहीं बचा है।

हम दोनों सिर्फ अपनी जिंदगी को जी रहे हैं और एक दूसरे के साथ बस नाम के लिए ही जुड़े हैं। इस वजह से मैं भी अपनी पत्नी से ज्यादा बात नहीं करता और रात को जब वह घर आती है तो वह भी मुझसे बात नहीं कर पाती और वह तुरंत ही सो जाती है। पहले जब हमारी नई-नई शादी हुई थी तो हम लोग कितने अच्छे से रहा करते थे। उस समय मेरी पत्नी भी मुझसे बहुत प्रेम करती थी। परंतु जब से उसकी जॉब लगी उसके बाद से उसका व्यवहार मेरे लिए बिल्कुल बदल चुका है। क्योंकि वह अपने काम में ज्यादा ही ध्यान देती है और उसके पास मेरे लिए बिल्कुल भी वक्त नहीं होता। मेरे पास भी उसके लिए वक्त नहीं होता है। मैंने कई बार इस बारे में अपनी पत्नी लता से बात की। परंतु वह कहती है कि तुम्हें तो पता ही है अब खर्चे कितना ज्यादा बढ़ने लगे हैं। इस वजह से मुझे काम करना ही पड़ेगा। यदि पहले की बात होती तो शायद मैं नौकरी भी छोड़ सकती थी परंतु अब हमारी दो लड़कियां हैं और उनकी शादियों का खर्चा भी देखना है। इसलिए मैं अब नौकरी नहीं छोड़ना चाहती हूं। काम करना चाहती हूं। उसे भी शायद अब अपनी नौकरी की आदत हो चुकी है और वह अपने समय पर अपने ऑफिस चली जाती है। जब से मैं घर आया हूं तब से मेरे पास काफी समय बचता है।

मैं स्कूल से लौट कर अपने घर आ जाता हूं। इस वजह से मेरे पास बहुत ही समय होता है। मुझे मेरे कुछ पुराने दोस्त मिले। मैंने उनसे बात की थी तो वह मुझे कहने लगे कि समय के साथ सब बदलाव आ जाते हैं। अब हमारे घर में भी यही स्थिति है इसलिए हम अपने काम में ही बिजी रहते हैं। मैं भी अपने स्कूल से जब वापस आता तो मेरे एक दोस्त की दुकान थी तो मैं वहीं पर उसके साथ बैठा रहता था और उससे ही बात किया करता था। क्योंकि वह मेरा बहुत पुराना दोस्त था और मेरे साथ ही वह स्कूल में पढ़ा करता था। हम दोनों बैठकर अपनी पुरानी यादें ताजा कर लिया करते हैं। उसकी भी दो लड़कियां हैं और वह भी हमेशा कहता है कि मेरी भी दो लड़कियां हैं मुझे भी उनकी शादी की चिंता होती है। वह मुझे कहता है कि तुम लोगों का बहुत ही अच्छा है तुम दोनों सरकारी नौकरी हो और तुम्हें किसी भी प्रकार की कोई चिंता की जरूरत नहीं है लेकिन हमें तो बहुत ही समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। एक दिन मेरी पत्नी की सहेली हमारे घर आई। उसका नाम आशा था। आशा को जब से मैंने देखा तो मुझे उसे देखकर बहुत ही अच्छा लगा। वह भी मुझे देखी जा रही थी।

मुझे ऐसा लग रहा था जैसे उसके दिल में मेरे लिए कुछ चल रहा है। जब मेरी पत्नी ने उस से मुझे मिलाया तो उसने कहा कि ये अभी बरेली में आई है और अपने लिए कोई घर ढूंढ रही हैं। मैंने उन्हें कहा कि मेरे दोस्त की दुकान है। मैं वहां पर बोल कर रख दूंगा तो तुम्हें वह घर दिला देगा। वह उस दिन हमारे साथ ही रुकी थी और मुझे उससे बात कर के बहुत अच्छा लग रहा था। अब मैंने अपने दोस्त को इस बारे में बता दिया तो वो कहने लगा कि मेरी नजर में एक दो घर हैं। मैं तुम्हें उनका नंबर दे देता हूं और तू वहां जाकर देख लेना। मैंने उससे वह नंबर ले लिया और आशा को दे दिए। आशा ने हमारे पास में ही एक घर ले लिया था और उसने मुझे उसके लिए धन्याबाद भी कहा। अब हम दोनों की बातें होने लगी थी और मेरे पास आशा का नंबर भी आ गया था। मैं उससे अक्सर बात कर लिया करता था। मैं कहता था कि लता मुझे बिल्कुल भी समय नहीं दे पाती है। वो कहती थी कि लता कुछ ज्यादा ही बिजी रहती है और उसके पास बिल्कुल भी समय नहीं होता क्योंकि वह हॉस्पिटल में बहुत पुरानी है। अब आशा और मेरे बीच में काफी बातें होने लगी थी और वह मेरी दोस्त भी बन गई थी।

मेरी और उसकी फोन में बात होती थी तो मैं अक्सर उससे फोन में सेक्सी बातें किया करता था। वह भी मुझसे सेक्सी बातें कर लिया करती थी। एक दिन मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हारे घर पर आ रहा हूं वह कहने लगी क्यों नहीं तुम मेरे घर पर आ जाओ तुम्हारा ही घर है। जब मैं आशा के घर पर गया तो वह उस दिन घर पर ही थी। उसने लाल रंग की मैक्सी पहनी हुई थी और मैं जब उसके घर पर गया तो मैं उसके बगल में बैठ गया। मै उसकी मोटी मोटी जांघों को सहलाने लगा। धीरे-धीरे मैंने उसकी मैक्सी को ऊपर कर दिया और उसकी गोरी गोरी टांगें मुझे दिखाई देने लगी। मैंने उसे वहीं नीचे लेटाते हुए उसके होठों को किस कर लिया और बड़े ही अच्छे से मैं उसे चूमने लगा। उसे मैं इतने अच्छे से चूम रहा था कि वह बहुत ही खुश हो रही थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश हो रहा था। क्योंकि मैंने इतने समय बाद किसी के होठों को चुमा था। मैंने उसके सारे कपड़े खोलते हुए उसे नंगा कर दिया और जब मैंने उसे नंगा किया तो जैसे ही मैंने उसकी योनि में अपनी उंगली लगाई तो वह उत्तेजित हो गई। अब मैं उसकी योनि को अपने मुंह में लेकर चाट रहा था और बड़े ही अच्छे से उसकी चूत का रसपान कर रहा था। मैंने उसे कस कर पकड़ लिया और अब उसकी योनि के अंदर मैंने अपने लंड को डाल दिया। मैने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसा तो उसे बहुत अच्छा लग रहा था।

वह मेरा पूरा साथ देने लगी और अपने मुंह से बड़ी तेज मादक आवाज निकालने लगी। वह मेरा साथ बहुत ही अच्छे से दे रही थी और कह रही थी तुम मुझे इसी प्रकार से धक्के देते रहो मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा है। वह मुझे कहने लगी किसी ने काफी समय से मुझे चोदा नहीं है। अब मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में ले लिया और उसके होठों को भी अपने होठों में ले लिया। मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के देने लगा मै उसे बड़ी तेज तेज झटके दे रहा था। वह इतनी तेजी से आवाज निकालने लगी। थोड़े समय बाद उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे बहुत अच्छे से चूसने लगी। वह बहुत अच्छे से मेरे लंड को अपने गले के अंदर लेकर चूस रही थी मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वह मेरे लंड को ऐसे ही चुसती रहे। मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा था और अब मेरा वीर्य उसके मुंह के अंदर गिर गया उसने वह अंदर लेते हुए मेरे लंड को मुंह के बाहर निकाला। मैं अब उसके साथ ही सो गया और हम दोनों बहुत ही खुश थे क्योंकि मेरी इच्छा भी पूरी हो गई थी वह उसकी इच्छा भी मैं पूरी कर दिया करता था।