पंजाबी पड़ोसन के साथ रासलीला

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विनीत है और में जालंधर पंजाब का रहने वाला हूँ. यह कहानी मेरे पड़ोस में रहने आई एक भाभी की है. यह मेरी इस साईट पर पहली कहानी है और अब में आपको ज़्यादा बोर ना करते हुए सीधे कहानी पर आता हूँ. ये बात पिछली गर्मियों की है. मेरे पड़ोस में एक भैया भाभी रहते है, उनकी शादी को 1 साल हुआ था तो भाभी प्रेग्नेंट थी और उनकी देखभाल को कोई नहीं था तो भैया के बड़े भाई की पत्नी वहाँ रहने आई.

मेरी उनकी फेमिली के साथ अच्छा रिश्ता था और मेरा रूम छत पर ही था तो दिन में ज़्यादातर अपने रूम में ही होता हूँ. एक दिन शाम को में छत पर वॉक कर रहा था, गर्मी के कारण में ज्यादातर केप्री या टी-शर्ट में ही होता था. हुआ यूँ कि भाभी शाम को कपड़े सुखाने के लिए डाल रही थी तो मेरी नज़र उन पर पड़ी मेरी शर्ट के कुछ बटन खुले थे तो वो मुझे देखकर हंस दी.

फिर काफ़ी जाँच पड़ताल के बाद मुझे पता चला कि यह भाभी पास वाले घर में रहने आई है, पहले तो मैंने ऐसा वैसा कुछ नहीं सोचा और कुछ दिन ऐसे ही गुज़र गये. फिर एक दिन में छत पर अपने रूम में सोकर कुछ 11 बजे के लगभग उठा और जब मैंने सिर्फ़ चड्डी पहनी थी. फिर में ऐसे ही रूम से बाहर मुँह धोने के लिए आया, तो जब मैंने अपने मुँह पर पानी डाला और मेरी आधी बॉडी भीगी थी.

अचानक मेरी नज़र पास वाली छत पर पड़ी तो मैंने देखा कि वही भाभी वहाँ कपड़े सुखाने के लिए डाल रही है और मुझे देख रही है. पहले तो में थोड़ा घबराया, लेकिन फिर दिमाग़ में घंटी बजी कि एक बार ट्राई करके देखता हूँ. मैंने अपने ऊपर पानी डाला और ऐसे बर्ताव किया जैसे मुझे कुछ नहीं पता हो कि वो मुझे देख रही है.

अब पानी सिर से टपक कर चड्डी तक जा रहा था और उसी वजह से मेरा लंड भी खड़ा हुआ था. फिर जब मैंने ध्यान से देखा तो भाभी की नज़र मेरे लंड की तरफ जा रही थी. फिर मैंने एकदम से भाभी की तरफ मुड़ा और अपने लंड को जानबूझ कर हाथ में पकड़कर बाहर निकाला. अब भाभी की नज़र वहीं पर ही जा रही थी तो मैंने जानबूझ कर सब अनदेखा किया और रूम में आ गया. उसके बाद कुछ दिन ऐसे रोज सुबह उससे मिलने लगा. फिर रोज में बाहर आता तो वो वही होती थी. फिर एक दिन उसने मेरा नम्बर माँगा, तो मैंने दे दिया और फिर उसका फोन आया.

भाभी : तुम हमेशा छत पर क्यों रहते हो?

में : ऊपर मेरा रूम है.

भाभी : तुम इतने कम कपड़े क्यों पहनते हो?

में : छत पर कोई आता नहीं तो अपने रूम में अपने हिसाब से रहता हूँ, लेकिन आप यह सब क्यों पूछ रही हो?

भाभी : ऐसे ही.

में : आपने मेरा नम्बर क्यों लिया?

भाभी : मुझे आप काफ़ी सुंदर लगे.

में : आपने मुझमें ऐसा क्या देख लिया?

भाभी : सब कुछ.

में : क्या?

भाभी : छत पर आओ बताती हूँ.

फिर थोड़ी देर में भाभी छत पर आई और अब हम दोनों के छत पर कपड़े सुखा रहे थे तो हम दोनों ने वहीं कुर्सी पर बैठकर बात की. फिर भाभी ने बताया कि भैया भाभी दोनों हॉस्पिटल गये है और घर पर वो अकेली है. फिर मैंने पूछा कि रात को मिले तो उसने स्माईल की और फिर बात टाल दी. फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने कहा कि हाँ है.

भाभी : कभी प्यार किया है?

में : हाँ, बहुत बार किया है.

फिर भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे गाल पर किस करके चली गयी. अब में पूरे दिन रात होने का इंतजार करता रहा था. फिर उसका कॉल आया तो उसने मुझे छत से नीचे उसके रूम में आने को कहा. अब में काफ़ी मशक्कत के बाद नीचे पहुँचा, अब मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, अब भाभी भी बस यही कहे जा रही थी कि जो करना है जल्दी करो.

फिर मैंने भाभी को कमर से पकड़ा और अपनी और खींचकर ज़ोर से उसके लिप पर अपने लिप रखकर किस किया. अब भाभी एकदम गर्म हो गयी और मेरी टी-शर्ट उतारकर फेंक दी. फिर मैंने भी जल्दी-जल्दी भाभी की कमीज़ पकड़ी और उतार दी, भाभी ने ब्लू ब्रा पहनी थी जो कि उन्हें बहुत सूट कर रही थी.

अरे हाँ में आपको भाभी की फिगर तो बताना ही भूल गया, उसका फिगर बहुत मस्त था. उनका फिगर साईज 38-30-38 था. फिर में भाभी की पूरी बॉडी को चाटने लगा और अब भाभी काफ़ी गर्म हुए जा रही थी. फिर मैंने भाभी को उल्टा लेटाया और पास पड़ा ऑयल उनकी पीठ पर गिरा दिया और मसाज करने लगा.

मैंने एकदम से उनकी ब्रा का हुक खोला और अपने हाथों को आगे पेट पर ले जाकर उनका नाड़ा खोल दिया. फिर मैंने जल्दी-जल्दी उनकी सलवार उतार कर फेंक दी. अब भाभी ने नीचे पेंटी नहीं पहनी थी, उनकी चूत पूरी तरह से क्लीन थी, अब में उसे देखते ही पागल हो गया और भाभी की टाँगे अपने कंधो पर रखकर सीधा चूत पर किस किया. फिर भाभी एकदम से कांप गयी और कहने लगी कि यह मत करो, मेरे पति ने कभी ऐसा नहीं किया है.

फिर मैंने एकदम से भाभी की चूत पर अपने लिप खोल दिए और अपनी जीभ को अंदर बाहर करने लगा. अब भाभी गर्म होने लगी और मेरे सर को पकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी. अब भाभी ज़ोर- ज़ोर से कह रही थी कि खा जाओ मेरी चूत को, चाटो इसे, साले घरवाले ने कभी ऐसा नहीं किया, चूसो और ज़ोर से और ज़ोर से चूसो.

फिर एकदम ज़ोर की सिसकी से भाभी का काम हो गया और भाभी काफ़ी ज़ोर से चीखी. अब हम दोनों बिल्कुल नंगे हो चुके थे. फिर मैंने भाभी के बूब्स को अपने हाथों में पकड़ा और दबाने लगा. अब भाभी भी मेरा लंड लेने के लिए मचल रही थी और मेरे लंड को हाथ में पकड़कर हिला रही थी. अब में उसके निप्पल को ज़ोर-जोर से चूसने लगा. फिर मैंने उसके बूब्स को पूरा मुँह में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा. अब भाभी मेरे लंड को हाथ में लेकर हिला रही थी.

फिर मैंने पूछा क्या तुम इसे चूसना चाहोगी? तो पहले तो वो मेरे लंड को देखती रही. फिर अचानक उसने मेरा लंड अपने मुँह में डाल लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी. अब कभी मेरा पूरा लंड उसके मुँह में अंदर जा रहा था तो कभी बाहर आ रहा था. अब में पूरी तरह से पागल हो रहा था. अब भाभी अपनी जीभ को मेरे लंड से अंडो तक चाटने लगी और अब वो ज़ोर-ज़ोर से चाट रही थी.

फिर उसने मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकाला और कहने लगी कि प्लीज़ मुझे चोदो, मुझे तुम्हारे लंड की ज़रूरत है, मेरा पति नपुंसक है, उससे कुछ नहीं होगा, प्लीज़ मुझे चोद दो, मेरी चूत को फाड़ डालो. फिर में भाभी के ऊपर आ गया और अपने लंड को चूत पर रगड़ने लगा. अब भाभी मछली जैसे तड़पने लगी और मेरे लंड को अंदर लेने की कोशिश करने लगी. फिर मैंने भाभी को बेड से उठाया और उसे दीवार के साथ टच करके उसकी चूत में अपना लंड सीधा डाल दिया. अब वो चिल्लाने लगी तो उसने बताया कि वो इससे पहले कभी अपने पति के अलावा किसी से नहीं चुदी है और मेरा लंड उसके पति के लंड से काफ़ी ज़्यादा मोटा और लम्बा है.

फिर मैंने उसका एक पैर उठाया और अपने कंधे पर रखा और अपने लंड से तेज-तेज धक्के मारने लगा. अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर जा रहा था और अब में उसे काफ़ी ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था. अब वो तो पागल हुए जा रही थी. फिर मैंने उसे बेड पर उल्टा लेटा दिया और उसके कूल्हों पर किस किया और कूल्हों को खोलकर अपना लंड उसकी गांड में डाल दिया. अब भाभी बहुत खुश हो गयी थी, उसकी गांड बहुत टाईट थी, अब मेरा लंड काफ़ी मुश्किल से उसकी गांड में अंदर गया. अब में उसको डॉगी स्टाईल में चोद रहा था. अब मेरे हाथ उसके बूब्स पर थे और में पीछे से झटके दिए जा रहा था.

फिर मैंने भाभी को लगातार 40 मिनट तक चोदा और आख़री में मैंने चूत में अपना लंड डालकर उन्हें अपने ऊपर बैठा लिया और उसे कमर से पकड़कर ऊपर नीचे करने लगा. अब भाभी की आँखें भर आई, उसने ऐसा सेक्स कभी नहीं किया था. फिर आख़री में मैंने उन्हें नीचे गिराया और अपना सारा पानी उनकी चूत में निकाल दिया, अब भाभी तीन बार झड़ चुकी थी. फिर भाभी ने मुझे बहुत किस किया और उसके बाद भाभी कुछ 5-6 दिन वहाँ रही और मैंने उसे काफ़ी बार चोदा.